Posts

My poetry - छू कर इक जादू सा कर दूं.... Dr. Neeru Jain

छू कर इक जादू सा कर दूं मैं मसीहा तो नहीं मगर दिल करता हैं सब कुछ अमृत सा कर दूं़़़़़़़़़ रोती आंखों में खुशियां भर दूं अंधेरे घरों में जुगनू भर दूं मैं मसीहा तो नहीं मगर दिल करता हैं़़़़़ हर हार को इक जीत सा कर दूं टूटन को उम्मीद सा कर दूं मैं मसीहा तो नहीं मगर दिल करता हैं ़़़़़़़ टूटे रिश्तों को ईद सा कर दूं खारी बातों को गुड़ सा कर दूं मैं मसीहा तो नहीं मगर दिल करता हैं ़़़़़़़ रूठों को अपना सा कर दूं मौत मांगती उन चाहों में जीने का सपना सा भर दूं मैं मसीहा तो नहीं मगर दिल करता हैं ़़़़़़़ Dr. Neeru Jain   #neerujain #Jadu #amrit #dil #masiha #baat #rutha #poem

My poetry :दुआ - Dr. Neeru jain

Image
  1. Poem जहर घोलने वालों को भी मिठास देती हूं। मैरी उम्मीदें तोड़ने वालों को भी नई आस देती हूं........ मैं क्या हूं यह तुमने अभी जाना ही नहीं जहां सोचते हैं सब कि, मेरी कहानी खत्म, मैं बस वही एक नया इतिहास रचती हूं....... मेरी हस्ती मिटने को चलाते है लोग आंधियां कई , मै उनके डूबते तिनके का भी सहारा बनती हूं....... मेरे पाँव के छालों पर न जाओ दोस्तों कैसे थम जाऊ, कि कई ज़िंदगियों का हाथ थामे चलती हूं......... मै जानती हूं कि मै कुछ भी तो नहीं लोग कहते है फिर भी , मै उनके टूटे मन का हौसला बनती हूं.............. शुक्रिया या खुदा ये नेमत बरसाने के लिए कि मै दुश्मनों के हक़ में भी दुआ पढ़ती हूं। Dr. Neeru Jain #NeeruJain # दुआ #jadu #dua #jindgi

my poetry : एक सलीका मुझे जीने का, तूने सबसे जुदा दिया.... #neerujain

  या रब तुम भी इक ग़ज़ब शिल्पकार हो ...... जब भी हम टूटने लगे क्या खूब सा फिर से तराश दिया ... माना ग़र्दिशों में हमें बड़ा किया पर आंसूओं में जीने का इक हौसला नया दिया...... साए डरते थे जब जब अंधेरों के आके मां के आंचल में मुझको छुपा दिया..... तोड़ रहे थे जहां ख्वाब सभी इक परी से मुझ को मिला दिया..... मद्धम पड़ती सी इस जिन्दगी में इक दिया चुपके से जला दिया....... उदास सूनी सी पड़ती इन राहों में मंदिर की घंटी सा संगीत सा बजा दिया....... मै क्यूं गीनु कि तूने क्या दिया, क्या ना दिया एक सलीका मुझे जीने का, तूने सबसे जुदा दिया .... जब भी हम टूटने लगे फिर से नया सा तराश दिया .... Dr. Neeru Jain

My poetry : शब्दों का कोई महजब नहीं होता....

  Poem #4 शब्दों का कोई महजब नहीं होता हर शब्द में इक दिल सा होता.... छू के इन्हें देखो जरा हर लफ्ज़ में इक जादू सा होता.... जिन्हें जीने का सलीका ना आता हो बस उसमे ही हिन्दू या मुस्लिम होता..... जिसे प्रेम का अक्षर ज्ञान नहीं बस वही तेरा मेरा मजहब रोता .... खुदा बनने की होड़ में हैं सभी काश पहले वो सहज़ सा इंसान होता...... दर्द बांटना जो आया होता तो हर दिल में गीता ओ कुरान होता....... शब्दों का कोई महजब नहीं होता हर शब्द में इक दिल सा होता...... Dr. Neeru Jain #neerujain

career in jewellery Designing

Technological Modernization in Jewelry Industry

Image
Technological Modernization in Jewelry Industry Dr. Neeru Jain Jewellery Designer     Technological innovations over the past century have changed almost every product you sell. How these changes came about, and their impact on jewelers. There is something special in 21 st century. It is a creative period, a time when both artists and client were suffused with a spirit of innovation, a never-ending interest in the new, the different and the non- conformist. In   this new era, it has seen a rebirth of design. Designers have shed their cloak of traditional style that governed decorative art for so long. In its place they have created a new meaning of design which has divergent style individuality. This in turn has inspired other designers to explore the Art Nouveau and Art Deco movements and other ancient and contemporary forms of architecture. Now a days we can see the spark of creativity in those who identify and support the future of designs - the...